आईजीजेएस जयपुर 2025 में 28 देशों के 180 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने की अपनी उपस्थिति दर्ज, व्यापार के लिए नए अवसर व विकास की राह – जीजेईपीसी

जयपुर, 03 अप्रैल 2025: बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य के बीच, रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) ने आज इंटरनेशनल जेम एंड ज्वैलरी शो (IGJS) जयपुर 2025 का उद्घाटन किया, जो भारत के रत्न और आभूषण उद्योग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय निर्यात पर 27% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया है।

जीजेईपीसी द्वारा आयोजित आईजीजेएस जयपुर का यह चौथा संस्करण 3 से 5 अप्रैल 2025 तक नोवोटेल, जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), जयपुर में आयोजित किया जा रहा है। सिक्योर  इस आयोजन का लॉजिस्टिक्स पार्टनर है। यह शो व्यापारिक साझेदारियों को बढ़ावा देने और वैश्विक बाजारों में भारत की उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए एक प्रमुख बी2बी प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है।

इस भव्य आयोजन का उद्घाटन कई सम्मानित हस्तियों द्वारा किया गया, जिनमें सेवानिवृत्त मेजर जनरल अनुज माथुर; श्रीमती शिल्पी आर. पुरोहित, संयुक्त आयुक्त, जिला उद्योग केंद्र, राजस्थान सरकार; श्री गौरव जोशी, संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख, एमएसएमई – विकास संस्थान, भारत सरकार, जयपुर; श्री शौनक पारिख, उपाध्यक्ष, जीजेईपीसी; श्री योगेंद्र गर्ग, क्षेत्रीय अध्यक्ष (राजस्थान), जीजेईपीसी; श्री डी. पी. खंडेलवाल, संयोजक, कलर्ड जेम स्टोन,पैनल, जीजेईपीसी; श्री कृष्ण बिहारी गोयल, संयोजक, चांदी पैनल, जीजेईपीसी; श्री अरविंद गुप्ता, संयोजक, एसईजेड पैनल, जीजेईपीसी; और श्री सिद्धार्थ एच, सीओओ, जीजेईपीसी शामिल थे।

शो के बारे में बोलते हुए जीजेईपीसी के उपाध्यक्ष शौनक पारिख ने कहा, “IGJS जयपुर 2025 भागीदारियों को मजबूत करने और वैश्विक संपर्कों के विस्तार के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। इस वर्ष, हमें 62 स्टॉलों पर 50 से अधिक कंपनियों की मेजबानी करते हुए गर्व हो रहा है और 28 देशों—अमेरिका, यूके, यूरोप, ओशिनिया, रूस और CIS क्षेत्र—से 180 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का स्वागत कर रहे हैं। यह बी2बी शो सहयोग को बढ़ावा देता है, व्यापार को गति देता है और बेहतरीन आभूषण उद्योग में नए अवसर खोलता है। जयपुर अपने असाधारण कारीगरों और शिल्प कौशल के लिए प्रसिद्ध है, और IGJS जयपुर 2025 इसे वैश्विक खरीदारों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाता है। यह आयोजन अग्रणी निर्माताओं द्वारा प्रस्तुत  बेहतरीन रत्न और  आभूषण संग्रह को प्रदर्शित करता है, जिससे जयपुर को आभूषण उद्योग में नवाचार और उत्कृष्टता के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।”

इस अवसर पर, शौनक पारिख ने अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए गए 27% टैरिफ पर भी अपने विचार व्यक्त किया, जो भारतीय रत्न और आभूषण निर्यात को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने अमेरिका से आग्रह किया कि वह भारत और अमेरिका के बीच दीर्घकालिक व्यापार साझेदारी की भावना को बनाए रखे, जो आपसी सम्मान और साझा आर्थिक हितों पर आधारित है। उन्होंने कहा, “यह टैरिफ हमारे लिए चुनौती और अवसर दोनों प्रस्तुत करता है। अल्पावधि में, यह भारत के अमेरिका को होने वाले 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात को बनाए रखने में कठिनाइयां पैदा कर सकता है। दीर्घावधि में, यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को नया रूप दे सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को आगे बढ़ाया जाए, क्योंकि यह टैरिफ से जुड़ी समस्याओं को हल करने और इस क्षेत्र के दीर्घकालिक हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगा।”

जीजेईपीसी इस मुद्दे पर सभी हितधारकों से सक्रिय रूप से संपर्क कर रहा है ताकि अमेरिकी बाजार तक निरंतर पहुंच सुनिश्चित की जा सके और उद्योग की विकास दर को बनाए रखने के लिए व्यावहारिक समाधान खोजे जा सकें।

जयपुर के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र पर बात करते हुए शौनक पारिख ने कहा कि जीजेईपीसी इसे वैश्विक स्तर तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि परिषद जयपुर में एक स्पेशल नोटिफाइड ज़ोन (SNZ) स्थापित करने के लिए सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है ताकि माइनर्स के साथ सीधे रफ स्टोन की आपूर्ति हो सके। यह पहल भारत डायमंड बोर्स और सूरत डायमंड बोर्स के सफल मॉडल की तर्ज पर होगी। इसके अलावा, 11 से 30 अप्रैल 2025 के बीच आयोजित होने वाला ‘इंडिया रफ जेमस्टोन सोर्सिंग शो’ (IRGSS) इस क्षेत्र में रफ स्टोन की आपूर्ति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा। ये रणनीतिक प्रयास जयपुर को रत्न निर्माण और आभूषण निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे।

जीजेईपीसी के क्षेत्रीय अध्यक्ष (राजस्थान) योगेंद्र गर्ग ने कहा, “जयपुर जेम बोर्स को जीजेईपीसी ने जयपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन और राजस्थान सरकार के सहयोग से विकसित किया है। 43,828 वर्ग मीटर में फैला यह विश्वस्तरीय केंद्र न केवल निर्यात को बढ़ावा देगा बल्कि 60,000 नौकरियां सृजित करेगा, जिससे जयपुर वैश्विक स्तर पर रत्न और आभूषण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा।”

आईजीजेएस जयपुर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और भारतीय निर्यातकों को एक साथ लाकर भारत को एक विश्वसनीय सोर्सिंग हब के रूप में मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जीजेईपीसी के समन्वयक जेरेमी कीट (एशिया पैसिफिक, ओशिनिया, यूके, अफ्रीका, अमेरिका और यूरोप) ने कहा, “हम एक लगातार विकसित हो रहे आभूषण उद्योग में हैं, जहां डिज़ाइन और मांग बदलती रहती है। खरीदारों और आपूर्तिकर्ताओं के बीच सहयोग से ही नवाचार संभव है।” वहीं, लैटिन अमेरिका की समन्वयक अली पास्तोरीनी ने कहा, “यह चुनौतीपूर्ण समय है, लेकिन एकजुटता ही सफलता की कुंजी है। भारत को केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि लैटिन अमेरिका जैसे नए बाजारों की संभावनाओं को भी तलाशना चाहिए।”

प्रदर्शनी के पहले ही दिन जबरदस्त व्यावसायिक गतिविधि देखी गई। काम्या ज्वेल्स के संस्थापक जिनेश मेहता ने कहा, “हम ग्राहक बैठक में इतने व्यस्त रहे कि हमें लंच ब्रेक तक का समय नहीं मिला!”

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